
मन्नू नथानी गैंग तक पहुंची जांच, हवाला नेटवर्क, बेटिंग आईडी और डिजिटल चैनल का बड़ा खुलासा
रायगढ़। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा, हवाला नेटवर्क और डिजिटल अपराध के खिलाफ चल रही रायगढ़ पुलिस की मुहिम में एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस ने मध्य भारत के सबसे बड़े क्रिकेट सट्टा नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपए के अवैध कारोबार की परतें खोल दी हैं। इस कार्रवाई ने न केवल ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट की जड़ों को हिलाया है, बल्कि मध्य भारत के कई शहरों में फैले संगठित अपराध के नेटवर्क को भी उजागर कर दिया है।
मामले की शुरुआत थाना कोतवाली रायगढ़ में दर्ज अपराध क्रमांक 217/2026 एवं 218/2026 से हुई थी, जिसमें आरोपी करण चौधरी उर्फ करण अग्रवाल, पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान पुलिस को हवाला के जरिए पैसों के लेनदेन और खरसिया निवासी अमित मित्तल के नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट मिले। इसके बाद साइबर थाना और कोतवाली पुलिस ने तकनीकी निगरानी बढ़ाते हुए मोबाइल लोकेशन, डिजिटल ट्रांजैक्शन और कॉलिंग पैटर्न की जांच शुरू की।
तकनीकी जांच में पुलिस को पता चला कि नेटवर्क रायगढ़, खरसिया, रायपुर और सक्ती से संचालित होकर हैदराबाद, मुंबई के रास्ते गोवा तक सक्रिय था। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर सीएसपी मयंक मिश्रा और डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में साइबर टीम को गोवा रवाना किया गया।
गोवा के लग्जरी विला में दबिश, मच गया हड़कंप
गोवा के कैंडोलिम बीच क्षेत्र में किराए पर लिए गए एक आलीशान विला में पुलिस ने अचानक छापा मारा। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी घबरा गए और मोबाइल, हिसाब-किताब, कॉल रिकॉर्ड तथा अन्य डिजिटल सबूत नष्ट करने की कोशिश करने लगे, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपी—
▪ अमित मित्तल – निवासी स्टेशन रोड, खरसिया
▪ मोहित सोमानी – समता कॉलोनी, आजाद चौक रायपुर
▪ प्रकाश वाधवानी – चौबे कॉलोनी, आजाद चौक रायपुर
▪ आकाश मोटवानी – कचहरी चौक, रायपुर
▪ राहुल खंडेलवाल उर्फ बाबू – तेलीबांधा रायपुर
▪ सुलभ खंडेलवाल उर्फ छोटा बाबू – रामसागर पारा, रायपुर
मौके से पुलिस ने 10 मोबाइल फोन जब्त किए, जिनमें सट्टा संचालन, हवाला लेनदेन, ऑनलाइन बेटिंग आईडी और डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं।
तीन स्तरों पर संचालित होता था ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क
पुलिस जांच में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलाने के बेहद संगठित और हाईटेक तरीके सामने आए हैं।
🔹 पहला तरीका:
रायपुर से “अभिनंदन बुक/लाइन” के जरिए मैचों का सेशन और भाव लिया जाता था, जिसे APK आधारित ऐप के जरिए नीचे खाईवालों और खिलाड़ियों तक पहुंचाया जाता था।
🔹 दूसरा तरीका:
सटोरिए प्रगति टीवी ऐप और स्टार लाइव जैसे APK आधारित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे, जिनमें मैच सामान्य प्रसारण से लगभग 7 सेकंड पहले दिखाई देता था। इसी समय अंतर का फायदा उठाकर वे भाव बदलकर भारी मुनाफा कमाते थे।
🔹 तीसरा तरीका:
All Panel Exchange, Taj 777 और Diamond Exchange जैसी क्रिकेट बेटिंग आईडी उपलब्ध कराकर खिलाड़ियों को सीधे ऑनलाइन जुए से जोड़ा जाता था।
मन्नू नथानी गैंग से जुड़े तार
तकनीकी जांच और मोबाइल डाटा की पड़ताल में यह भी सामने आया कि आरोपी मध्य भारत के चर्चित सट्टा नेटवर्क संचालक “मन्नू नथानी” गैंग से जुड़े हुए थे। शुरुआत में आरोपी एजेंट के तौर पर काम करते थे और बाद में खुद छोटे-बड़े खाईवालों को बेटिंग आईडी उपलब्ध कराकर प्रत्येक लेनदेन पर 10 प्रतिशत तक कमीशन प्राप्त करते थे।
हवाला के जरिए घूमते थे करोड़ों
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गैंग हवाला नेटवर्क के माध्यम से बड़ी रकम का लेनदेन करता था। आरोपियों के मोबाइल में नोटों के सीरियल नंबर साझा कर रकम ट्रांसफर किए जाने के सबूत मिले हैं। इससे पहले पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े आरोपियों से एक करोड़ रुपए से अधिक नकदी भी जब्त कर चुकी है।
प्रारंभिक जांच में एक आईपीएल सीजन के दौरान करोड़ों रुपए से अधिक के लेनदेन के संकेत मिले हैं। पुलिस अब रायगढ़, रायपुर, खरसिया, सक्ती, नागपुर सहित अन्य शहरों में फैले नेटवर्क की जांच कर रही है।
कार्रवाई में इन पुलिस अधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा एडिशनल एसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा, साइबर डीएसपी उन्नति ठाकुर एवं डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई।
कार्रवाई में प्रभारी साइबर थाना निरीक्षक विजय चेलक, सहायक उप निरीक्षक नंद कुमार सारथी, प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह राणा, बृजलाल गुर्जर, करुणेश राय, रूप राम पटेल तथा आरक्षक प्रशांत पंडा, महेश पंडा, धनंजय कश्यप, पुष्पेंद्र जाटवर, जगमोहन ओगर, विकास प्रधान, रविन्द्र कुमार गुप्ता, नवीन शुक्ला, मनोज पटनायक, गोविंद पटेल, रोशन एक्का, महिला आरक्षक मेनका चौहान एवं नव आरक्षक उमेश सिदार की अहम भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश:
“रायगढ़ पुलिस संगठित अपराध, ऑनलाइन सट्टा और हवाला नेटवर्क के खिलाफ लगातार आक्रामक कार्रवाई कर रही है। तकनीक आधारित अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना हमारा लक्ष्य है।”




