घरघोड़ा। जिले तमनार ब्लॉक अंतर्गत ग्राम धौराभांठा की होनहार बेटी डॉ. श्रुति अग्रवाल ने एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। श्रुति अपने सिंघल परिवार आमगांव वाले की पहली डॉक्टर बनी हैं, जिससे परिवार में हर्ष और गर्व का माहौल है। श्रुति के दादा संतलाल अग्रवाल एवं दादी सुशीला देवी अग्रवाल का सपना था कि परिवार का कोई सदस्य चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करे। श्रुति ने अपनी अथक मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर इस सपने को साकार कर दिखाया है। श्रुति ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ओ.पी. जिंदल स्कूल से प्राप्त की। बचपन से ही उनका लक्ष्य डॉक्टर बनने का था। अपनी प्रतिभा, अनुशासन और निरंतर परिश्रम के दम पर उन्होंने गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, अंबिकापुर से एमबीबीएस की पढ़ाई सफलतापूर्वक पूर्ण कर डॉक्टर बनने का गौरव हासिल किया। बचपन से ही मेधावी एवं अनुशासित छात्रा रहीं श्रुति ने अपनी सफलता का श्रेय
अपने माता-पिता, परिवारजनों तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन, प्रेरणा और सतायो परिवार उदया है। उन्होंने कहा कि एक चिकित्सऔर सहयोग को दिया के जरूरतमंद एवं वंचित लोगों की सेवा कर मानवता के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहती हैं। श्रुति की इस उपलब्धि पर उनके पिता अरुण अग्रवाल, माता सुधा अग्रवाल, भाई सीए आयुष अग्रवाल एवं बहन कृष्णा अग्रवाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। परिवारजनों, मित्रों एवं अ शुभचिंतकों ने डॉ. श्रुति अग्रवाल की सफलता को पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि उनकी यह सफलता युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत है। उन्होंने ल यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर परिश्रम से और परिवार के सहयोग से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। डॉ. श्रुति अग्रवाल की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि संपूर्ण रायगढ़ क्षेत्र के लिए गर्व, प्रेरणा और सम्मान का विषय है।




