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घरघोड़ा ने खोया अपना लोकप्रिय समाजसेवी: वरिष्ठ कांग्रेस नेता किरोड़ी तायल का निधन, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर

घरघोड़ा :- नगर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, प्रसिद्ध समाजसेवी एवं आशीर्वाद टेंट हाउस के संचालक किरोड़ी तायल का शुक्रवार देर रात रायपुर में उपचार के दौरान आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही घरघोड़ा नगर सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उनके निधन को नगर के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।

किरोड़ी तायल लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति से जुड़े हुए थे, लेकिन उनकी पहचान केवल एक राजनीतिक कार्यकर्ता तक सीमित नहीं थी। वे समाज सेवा, जनसहयोग और धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने वाले व्यक्तित्व थे। उनका व्यवहार अत्यंत सरल, मिलनसार और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाला था। यही कारण था कि वे हर वर्ग के लोगों के बीच सम्मान और आत्मीयता के साथ पहचाने जाते थे।

नगर के हनुमान चौक दुर्गा पूजा समिति के प्रमुख एवं सक्रिय स्तंभों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। दुर्गा पूजा महोत्सव के आयोजन से लेकर सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों तक वे हमेशा अग्रणी रहते थे। नगर में होने वाले अनेक धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों में उनका योगदान अविस्मरणीय माना जाता है। जरूरतमंदों की सहायता हो या किसी सार्वजनिक आयोजन की जिम्मेदारी, किरोड़ी तायल हमेशा सबसे आगे खड़े दिखाई देते थे।

परिजनों के अनुसार पिछले दो-तीन दिनों से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी। बेहतर उपचार के लिए उन्हें रायपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद शुक्रवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही घरघोड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में शुभचिंतक, मित्र, राजनीतिक कार्यकर्ता एवं समाजसेवी उनके निवास पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देने लगे।

स्वर्गीय किरोड़ी तायल अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वे करण एवं नमन के पिता तथा राजू, सुरेश, पालू एवं गोपाल तायल के भाई थे। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। नगरवासियों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

स्वर्गीय किरोड़ी तायल का अंतिम संस्कार आज दोपहर लगभग 3 बजे घरघोड़ा मुक्तिधाम में पूरे विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक किया जाएगा। उनके अंतिम दर्शन एवं अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों के लोगों के शामिल होने की संभावना है।

किरोड़ी तायल का जाना केवल एक परिवार की क्षति नहीं, बल्कि पूरे घरघोड़ा नगर के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा। समाज सेवा, जनसहयोग और धार्मिक कार्यों के प्रति उनकी निष्ठा तथा लोगों के प्रति उनका आत्मीय व्यवहार उन्हें हमेशा नगरवासियों की स्मृतियों में जीवित रखेगा।

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