
रायगढ़, 19 जून। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम चारमार निवासी चिंतामणि गुप्ता एवं सरधाकर गुप्ता ने संभाग आयुक्त को आवेदन सौंपकर पैतृक भूमि के नामांतरण एवं विक्रय में बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। आवेदकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन के अनुसार, खसरा नंबर 5/5, 5/6, 1/2/2, 64/81, 64/82, 64/83, 64/84, 72/2, 86/24, 86/29, 86/30, 86/40, 103/2, 107/2, 113/2, 118/2, 151/2 एवं 172/2 सहित कुल लगभग 71.76 एकड़ पैतृक भूमि में आवेदकों का हिस्सा होने का दावा किया गया है। आरोप है कि पटवारी हल्का नंबर 18 के कुछ राजस्व अधिकारियों तथा अन्य व्यक्तियों की मिलीभगत से भूमि का अवैध नामांतरण कर दिया गया।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि बलेश्वर, बंशीधर और गजाधर द्वारा अपने तथा परिजनों के नाम पर भूमि का नामांतरण कराया गया। साथ ही राजस्व अभिलेखों में कथित रूप से कूटरचना कर रिकॉर्ड में संशोधन किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि खसरा नंबर 86/29 एवं 86/30 की भूमि को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक निजी कंपनी के संचालक के पक्ष में विक्रय कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उक्त भूमि में उनका आधा हिस्सा निहित है, बावजूद इसके उनकी सहमति के बिना विक्रय किया गया।
चिंतामणि गुप्ता एवं सरधाकर गुप्ता ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा पैतृक भूमि पर उनका अधिकार बहाल करने की मांग की है। प्रशासन द्वारा जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



