
घरघोड़ा (रायगढ़) विकास के बड़े-बड़े दावों और करोड़ों रुपये की लागत से तैयार आधुनिक रेलवे स्टेशन के बावजूद घरघोड़ा के लोगों का सबसे बड़ा सपना आज भी अधूरा है। स्टेशन भवन बन गया, प्लेटफॉर्म तैयार हो गए, स्काई ओवर ब्रिज भी यात्रियों की सुविधा के लिए खड़ा है, लेकिन जिस नियमित पैसेंजर ट्रेन के लिए यह सब विकसित किया गया, वह आज तक शुरू नहीं हो सकी। नतीजतन, हजारों लोग रोज़ाना मजबूरी में बसों और निजी वाहनों से महंगी, समय लेने वाली और असुविधाजनक यात्रा करने को विवश हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि किसी भी रेलवे स्टेशन का वास्तविक महत्व तभी है, जब वहां से आम लोगों को नियमित रेल सेवा उपलब्ध हो। केवल भव्य भवन और आधुनिक सुविधाएं बना देने से यात्रियों की समस्याओं का समाधान नहीं होता। जब स्टेशन पूरी तरह तैयार है, तब नियमित पैसेंजर ट्रेन का संचालन अब तक शुरू न होना लोगों की समझ से परे है।
घरघोड़ा क्षेत्र प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक इलाकों में गिना जाता है। यहां NTPC, SECL, TRN, जिंदल और अदाणी जैसी बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। प्रतिदिन हजारों कर्मचारी, मजदूर, व्यापारी, विद्यार्थी, मरीज और आम नागरिकों को रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर सहित अन्य शहरों की यात्रा करनी पड़ती है। लेकिन रेल सुविधा के अभाव में उन्हें अधिक किराया चुकाकर बसों या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
सबसे अधिक परेशानी विद्यार्थियों को उठानी पड़ रही है। उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए रोज़ाना आने-जाने वाले युवाओं को समय और धन दोनों की हानि झेलनी पड़ती है। छोटे व्यापारी भी नियमित रेल सेवा न होने के कारण अपने कारोबार में अतिरिक्त परिवहन लागत का सामना कर रहे हैं। वहीं मरीजों और उनके परिजनों के लिए भी यह स्थिति किसी बड़ी परेशानी से कम नहीं है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि घरघोड़ा जंक्शन से नियमित पैसेंजर ट्रेन शुरू हो जाए, तो हजारों लोगों को सस्ता, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध होगा। इससे न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के व्यापार, शिक्षा और रोजगार को भी नई गति मिलेगी।
आज विडंबना यह है कि स्टेशन है, प्लेटफॉर्म है, स्काई ओवर ब्रिज है, लेकिन आम यात्रियों के लिए नियमित ट्रेन नहीं है। करोड़ों रुपये की लागत से विकसित यह रेलवे स्टेशन अपनी मूल उपयोगिता से अब भी वंचित दिखाई देता है। यही कारण है कि लोगों के बीच यह सवाल लगातार गूंज रहा है—जब घरघोड़ा देश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है, तब यहां के नागरिकों को नियमित पैसेंजर ट्रेन की सुविधा आखिर कब मिलेगी?
अब क्षेत्र की जनता की निगाहें रेलवे प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और जनहित से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों पर टिकी हैं। लोगों की मांग है कि वर्षों से लंबित इस जनभावना को गंभीरता से लेते हुए घरघोड़ा जंक्शन से नियमित पैसेंजर ट्रेन सेवा शीघ्र प्रारंभ की जाए, ताकि यह स्टेशन केवल दिखावे का प्रतीक न रहकर वास्तव में आम जनता की सुविधा और विकास का माध्यम बन सके



